Brief By Newsbrief / 6:41 PM on 29 Apr 2026
रांची में झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़े 23 करोड़ रुपये के चर्चित फर्जीवाड़े में मुख्य आरोपी क्लर्क संतोष कुमार पर विभागीय शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। विभाग द्वारा छह बार नोटिस जारी किए जाने और 28 अप्रैल 2026 तक की अंतिम समय सीमा देने के बावजूद वह जांच समिति के सामने पेश नहीं हुआ।
जानकारी के मुताबिक, संतोष कुमार को अपना पक्ष रखने और जांच में सहयोग करने के लिए कई अवसर दिए गए थे। हालांकि हर बार उसकी गैरमौजूदगी ने विभाग के संदेह को और गहरा कर दिया। इस बीच आरोपी ने ईमेल भेजकर मेडिकल कारणों से शहर से बाहर होने का दावा किया, लेकिन विभागीय अधिकारी इस सफाई को संदेह की नजर से देख रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से उसका मोबाइल बंद है और वह लगातार फरार चल रहा है।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी को पर्याप्त अवसर दिए जा चुके हैं। अब उपलब्ध दस्तावेज, गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर एकतरफा फैसला लेते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, विभाग जल्द ही संतोष कुमार की सेवा समाप्ति पर अंतिम फैसला ले सकता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये निकाले और रकम को पत्नी के खाते तथा अपनी कंपनी रॉक ड्रिल कंस्ट्रक्शन में ट्रांसफर किया। Enforcement Directorate और स्पेशल ऑडिट जांच में मनी ट्रेल सामने आने के बाद अब कानूनी कार्रवाई भी तेज होने की संभावना है।