Brief By Newsbrief / 3:57 PM on 29 Apr 2026
झारखंड में आकलन-प्रशिक्षित करीब 45 हजार सहायक अध्यापकों के भविष्य को लेकर राज्य सरकार ने अहम और भरोसेमंद कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की अगुवाई में शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक करीब एक घंटे तक चली, जिसमें शिक्षकों की नौकरी की सुरक्षा और भविष्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक शिक्षा मंत्री के आवास पर हुई, जिसमें शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और समाधान की दिशा में ठोस पहल पर जोर दिया गया। सरकार की ओर से सबसे महत्वपूर्ण आश्वासन यह दिया गया कि किसी भी सहायक शिक्षक की नौकरी रिटायरमेंट से पहले नहीं जाएगी। मंत्रियों ने शिक्षकों से कहा कि वे बिना किसी भय के अपना कार्य जारी रखें, सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
इसके अलावा यह भी स्पष्ट किया गया कि मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। जैसे ही अदालत का फैसला आएगा, पांच दिनों के भीतर पुनः बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह भी निर्णय लिया गया कि यदि किसी शिक्षक की सेवा के दौरान मृत्यु होती है, तो उनके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा।
बैठक के बाद शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने सरकार के सकारात्मक रवैये पर संतोष जताया और कहा कि यह कदम उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह पहल दर्शाती है कि राज्य सरकार शिक्षकों के हितों और सम्मान को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है।