Brief By Newsbrief / 1:12 PM on 22 Apr 2026
रांची: झारखंड में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन पूरी तरह खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों ने व्यापक रणनीति तैयार की है। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक राज्य के कई इलाके नक्सल मुक्त हो चुके हैं, जबकि सारंडा, पलामू, लोहरदगा और बोकारो जैसे क्षेत्रों में अभी भी कुछ माओवादी सक्रिय हैं।
सारंडा क्षेत्र नक्सलियों का प्रमुख गढ़ बना हुआ है, जहां पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा और सेंट्रल कमिटी सदस्य असीम मंडल जैसे बड़े नेता छिपे हुए हैं। इन दोनों पर एक-एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित है। इनके साथ कई इनामी नक्सली भी सक्रिय हैं, जिन पर 1 लाख से 25 लाख रुपये तक का इनाम है।
हाल के दिनों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ भी हुई, लेकिन नक्सली बच निकलने में सफल रहे। इसके बावजूद अभियान लगातार जारी है। सीआरपीएफ आईजी साकेत कुमार सिंह के अनुसार झारखंड में नक्सलवाद लगभग समाप्त हो चुका है और जल्द ही बचे हुए नक्सलियों का भी सफाया कर दिया जाएगा।
पलामू में नीतीश यादव, बोकारो में मनोहर गंझु और लोहरदगा में रविंद्र गंझु जैसे माओवादी अभी भी सक्रिय हैं। इनके खिलाफ झारखंड जगुआर, कोबरा और जिला पुलिस के संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल ही में हुसैनाबाद के काला पहाड़ क्षेत्र में मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया था।
सुरक्षा बलों ने जंगलों में नक्सलियों के बंकर और ठिकानों को भी नष्ट किया है। प्रशासन ने माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।