Brief By Newsbrief / 9:38 AM on 18 Apr 2026
झारखंड में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। राज्य सरकार और राज्यपाल के संयुक्त प्रयास से विश्वविद्यालयों की नियुक्ति प्रणाली में संशोधन किया गया है। अब राज्य के विश्वविद्यालयों में कुलपति (वीसी) और प्रति कुलपति (प्रोवीसी) की नियुक्ति राज्यपाल और मुख्यमंत्री की सहमति से संयुक्त रूप से की जाएगी।
इस संबंध में राज्यपाल संतोष गंगवार ने ‘झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026’ को शुक्रवार को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस विधेयक के लागू होने के बाद राज्य के विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। सरकार का मानना है कि संयुक्त निर्णय प्रणाली से शिक्षा व्यवस्था में राजनीतिक संतुलन बना रहेगा और योग्य उम्मीदवारों का चयन अधिक निष्पक्ष तरीके से हो सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम राज्य की उच्च शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और विश्वविद्यालयों के संचालन में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल नियुक्ति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद है।