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जमशेदपुर में बजेगा आदिवासी अस्मिता का बिगुल, राष्ट्रीय मागे महोत्सव में सजेगी संस्कृति की भव्य शाम

Brief By Newsbrief / 3:18 PM on 10 Apr 2026


जमशेदपुर आदिवासी संस्कृति के रंगों में रंगने जा रहा है। बिस्टुपुर के गोपाल मैदान और सुंदरनगर के तुरामडीह में 11–12 अप्रैल को जोहार ट्रस्ट के तत्वावधान में राष्ट्रीय मागे महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय इस महोत्सव में झारखंड समेत देश के 11 राज्यों से आए जनजातीय कलाकार पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और वाद्य संगीत के जरिए अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेंगे। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान, ढोल-नगाड़ों की गूंज और लोकधुनों के बीच दर्शकों को आदिवासी जीवनशैली की जीवंत झलक देखने को मिलेगी।

महोत्सव के दौरान गोपाल मैदान में 100 स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां देसी जड़ी-बूटियां, आदिवासी व्यंजन, हस्तशिल्प, पारंपरिक परिधान, कला-साहित्य और आधुनिक उत्पाद उपलब्ध रहेंगे। 11 अप्रैल को तुरामडीह क्लब में “जोहार संवाद” के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जिसमें समाज के विशिष्ट योगदानकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। वहीं 12 अप्रैल को गोपाल मैदान में मागे सूसून नृत्य प्रतियोगिता और ग्रैंड फिनाले में देशभर के टॉप 15 डांसर्स प्रस्तुति देंगे।

जोहार ट्रस्ट के सचिव दुर्गा चरण बारी ने बताया कि कार्यक्रम में मानकी-मुंडा, दिऊरी और माझी बाबाओं का सम्मान भी होगा। यह महोत्सव आदिवासी संस्कृति, भाषा और परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त मंच बनेगा।

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