Brief By Newsbrief / 9:56 AM on 07 Mar 2026
रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) ने निजी अस्पतालों से मरीजों को रेफर करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए एक मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) तैयार की है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाना और गंभीर मरीजों के उपचार को सुव्यवस्थित करना है।
अक्सर देखा जाता है कि निजी अस्पतालों से बिना ठोस कारण के मरीजों को रिम्स भेज दिया जाता है, जिससे यहां पहले से मौजूद संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलने में दिक्कत होती है। इसी समस्या को देखते हुए रिम्स प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
नई एसओपी के तहत यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन परिस्थितियों में मरीज को रिम्स रेफर किया जा सकता है और इसके लिए क्या प्रक्रिया अपनानी होगी। साथ ही रेफरल से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और मरीज की मेडिकल जानकारी भी साझा करना अनिवार्य होगा।
रिम्स प्रबंधन का मानना है कि इस पहल से रेफरल प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी, अस्पताल की सेवाओं का बेहतर उपयोग हो सकेगा और गंभीर मरीजों को समय पर उचित इलाज मिल पाएगा।