Brief By Newsbrief / 2:19 PM on 06 Mar 2026
कोयला राजधानी के नाम से प्रसिद्ध धनबाद अब केवल खनन और उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि हरियाली और अनोखी खेती के लिए भी नई पहचान बना रहा है। इस बदलाव के पीछे जय धरती माँ फाउंडेशन की अहम भूमिका है, जो पिछले करीब 15 वर्षों से जिले में हरित अभियान और दुर्लभ फलों की खेती को बढ़ावा दे रहा है।
धनबाद के भूली धारजोड़िया स्थित फाउंडेशन के प्रशिक्षण कार्यालय और फार्म में आज कई महंगे और दुर्लभ फलों व बहुमूल्य वृक्षों की खेती की जा रही है। यहाँ देश-विदेश में प्रसिद्ध मियाजाकी आम के पौधे लगाए गए हैं, जिसकी कीमत बाजार में लाखों रुपये तक बताई जाती है। इसके साथ ही अगरवुड जैसे बहुमूल्य वृक्ष भी लगाए गए हैं, जिसकी लकड़ी और तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी महंगे दामों पर बिकते हैं।
इन पौधों और फलों को देखने और इनके बारे में जानकारी लेने के लिए दूर-दूर से लोग यहाँ पहुंच रहे हैं। फाउंडेशन के सदस्यों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल खेती करना नहीं, बल्कि लोगों को कृषि के नए और लाभकारी विकल्पों से जोड़ना है।
इसी कड़ी में संस्था अब मात्र 1 रुपये में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इसमें युवाओं को आधुनिक फल खेती, दुर्लभ पौधों की देखभाल, जैविक खेती और कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के तरीके सिखाए जाएंगे।