Brief By Newsbrief / 3:19 PM on 21 Feb 2026
रांची: झारखंड में हाथियों के हमलों से हो रही लगातार मौतों का मामला विधानसभा में जोरदार तरीके से उठा। विधायक रामेश्वर उरांव और निर्मल महतो ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि अन्य राज्यों में हाथी हमले में मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये तक मुआवजा दिया जाता है, जबकि झारखंड में केवल 4 लाख रुपये मिलते हैं। उन्होंने मुआवजा राशि कम से कम 20–25 लाख करने की मांग की।
विभागीय मंत्री सुदिव्य सोनू ने बताया कि सरकार हाथी-मानव संघर्ष को कम करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। जंगलों में भोजन की कमी और बांस के पेड़ों में गिरावट को भी एक कारण माना जा रहा है। इस दिशा में ऐसे पौधे लगाने की योजना पर विचार हो रहा है, जिससे हाथी जंगल से बाहर न निकलें। बाहरी विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है, जो स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण भी दे रही है।
मुख्यमंत्री Hemant Soren ने कहा कि बदलती परिस्थितियों में वन्यजीवों से हो रही मौतों को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना के चार घंटे के भीतर अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत पहुंचाएं, इसके लिए नई प्रणाली लागू की जाएगी।