Brief By Newsbrief / 2:11 PM on 13 Jan 2026
झारखंड हाई कोर्ट ने हजारीबाग-बरही NH-33 के चौड़ीकरण परियोजना में काटे गए पेड़ों के मामले में गहरी नाराजगी व्यक्त की है. कोर्ट ने कहा कि 8 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद परियोजना में लगाए गए पौधों की संख्या कम रहने और अधिकांश पौधों के जीवित न रहने पर NHAI का जवाब संतोषजनक नहीं है.चीफ जस्टिस ने इस मामले में NHAI की रिपोर्ट को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि पर्यावरण सुरक्षा के नियमों का पालन किया जाना अनिवार्य है. कोर्ट ने झालसा और प्रार्थी को आदेश दिया है कि वे स्थल निरीक्षण करके एक विस्तृत रिपोर्ट अदालत में जमा करें, जिससे वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके.अदालत ने अगली सुनवाई 28 फरवरी को निर्धारित की है, जिसमें परियोजना के दौरान पर्यावरणीय क्षति और सुरक्षा के दावों की सच्चाई पर फैसला किया जाएगा. विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले में न्यायालय की सख्ती परियोजना के दौरान पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.वन विभाग और NHAI अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे पर्यावरणीय नियमों का पालन करें और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं को रोकें. नागरिकों और पर्यावरण समूहों की निगरानी भी अदालत के निर्देशों का हिस्सा बनी हुई है.