Brief By Newsbrief / 10:14 PM on 30 May 2024
रांची : टेंडर कमीशन मामले में 6 मई को झारखंड में ईडी ने बड़ी कार्यवाई की गई थी और इस कार्यवाई के दौरान मंत्री आलमगीर आलम के पी.एस सजीव लाल के नौकर जहांगीर आलम के घर से 32 करोड़ रुपये बरामत किए गए थें. इस मामले में ईडी ने मंत्री आलमगीर आलम को 14 मई को समन जारी किया कर ईडी दफ्तर बुलाया था. वहीं पुछताछ के दौरान मंत्री आलम को 15 मई को ईडी ने गिरफ्तार कर लिय़ा था. तब से मंत्री ईडी के रिमांड पर थे . बता दे कि गुरुवार को मंत्री आलम को ईडी ने पीएमएलए कोर्ट में पेश किया जहां कोर्ट में सुनवाई के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. बता दे कि 17 मई उन्हें 6 दिनों की ईडी रिमांड में रखा गया और उसने कमीशनखोरी मामले को लेकर पूछताछ की गई वहीं 22 मई को 6 दिनों की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया और ईडी के द्वारा 8 दिनों की रिमांड मांगी गई लेकिन कोर्ट ने 5 दिनों की रिमांड स्वीकृत की. इसके बाद उन्हें 5 दिनों तक ईडी कार्यालय में रखा गया और उससे पूछताछ की गई. बता दे कि कोर्ट में आलमगीर आलम के स्वास्थ्य पर भी बात रखी गई और मंत्री आलमगीर आलम के वकील ने मेडिकल टीम की भी मांग की हैं. 5 दिनों की पूछताछ में मंत्री आलमगीर आलम से कमीशन खोरी मामले को लेकर ईडी ने कई सवाल जवाब किए जिसके बाद जांच के घेरे में ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व सचिव मनीष रंजन भी आए और जिसके बाद मनीष रंजन को भी ईडी कार्यालय बुला कर उनसे पूछताछ किया गया था
*मंत्री आलमगीर आलम को भेजा गया होटवार*
बता दे कि 27 मई को 5 दिनों की डिमांड अवधि समाप्त होने के बाद एक बार फिर मंत्री आलमगीर आलम को पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया जहां ईडी के द्वारा पक्ष रखा गया कि मंत्री आलमगीर आलम जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं इसलिए तीन दिनों की अतिरिक्त रिमांड दी जाए. वहीं कोर्ट ने सुनवाई के बाद तीन दिनों की एक्सटेंडेड रिमांड स्वीकृत की वहीं 30 मई को 14 दिनों की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद मंत्री आलमगीर आलम को भारी सुरक्षा के साथ पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया.
कोर्ट में पेशी के दौरान ईडी ने कोर्ट मे कहा कि आलमगीर आलम से और पुछताछ की आवश्कता नहीं है जिसके बाद उन्हें होटवार स्थित बिरसा मुंडा जेल भेजा गया