Brief By Newsbrief / 6:15 PM on 05 Feb 2024
रांची- राज्य में नई सरकार है.हेमंत सोरेन की जगह चंपई सोरेन राज्य के मुख्यमंत्री हैं.नई सरकार के गठन के बाद राज्यपाल ने चंपई सोरेन को अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया.इस कारण से 5 और 6 फरवरी को विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किया गया है.यह सत्र शुरू हो गया है.राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने इसे संबोधित किया.इस सूत्र के लिए पक्ष- विपक्ष ने अपनी रणनीति तय की है.दो दिवसीय इस विशेष सत्र में पूर्व मुख्यमंत्री और प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्त में चल रहे हेमंत सोरेन भी हिस्सा ले रहे हैं.
क्या होना है झारखंड विधानसभा के इस सत्र में
देखिए झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र इसलिए बुलाया गया है.क्योंकि राज्य में नई सरकार बनी है.हेमंत सोरेन के जाने के बाद चंपई सोरेन ने नई सरकार बनाई है.तकनीकी रूप से यह नई सरकार है. इस विशेष सत्र के आयोजन का मकसद सिर्फ विश्वास मत हासिल करना है.राज्यपाल के निर्देश के आधार पर मुख्यमंत्री को यह दिखाना है कि सदन में उन्हें बहुमत मिला हुआ है.मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने दावा किया है कि उनके पास 47 विधायकों का समर्थन है. विधायकों को एकजुट रखने के लिए सत्ता पक्ष ने उन्हें हैदराबाद शिफ्ट किया.4 तारीख की रात ये सभी चार्टर प्लेन से वापस रांची पहुंचे.उसके बाद फिर सर्किट हाउस में जाकर शिफ्ट हो गए. 5 फरवरी को सत्र शुरू होने के समय ही इन्हें विशेष बस से विधानसभा परिसर लाया गया.
अब जानिए राज्यपाल ने इस विशेष सत्र को क्यों संबोधित किया
इसके बारे में आप थोड़ा जान लीजिए.आखिर राज्यपाल ने झारखंड विधानसभा के इस विशेष सत्र को क्यों संबोधित किया.प्रत्येक विशेष सत्र को नहीं संबोधित किया जाता है.भारत के संविधान के अनुसार नई सरकार के गठन के बाद राज्यपाल संबोधित करते हैं.इसके अलावा यह भी प्रावधान है कि कैलेंडर वर्ष के पहले सत्र को राज्यपाल संबोधित करते हैं.इसके अतिरिक्त बजट सत्र को भी राज्यपाल संबोधित करते हैं.इसमें राज्य सरकार के द्वारा तैयार किया गया अभिभाषण पढ़ा जाता है. इसलिए राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने चंपई सोरेन की इस सरकार के बनने के बाद कैलेंडर ईयर के पहले सत्र को संबोधित किया.