Brief By Newsbrief / 5:30 PM on 27 Dec 2023
धनबाद: खेल में भी राजनीति और इगो,नतीजा खेल प्रेमियों को नुकसान. धनबाद में कुछ ऐसा ही हुआ है .पिछले कुछ सालों से हो भी रहा है. धनबाद क्रिकेट संघ और रेलवे के बीच चल रहे कोल्ड वार का नतीजा है कि धनबाद के क्रिकेट प्रेमियों को रणजी मैचों से वंचित होना पड़ रहा है. 2 फरवरी 2024 से आयोजित झारखंड मणिपुर मैच की मेजबानी धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन को मिलनी थी. लेकिन बीसीसीआई ने मैच की मेजबानी धनबाद से छीन कर जमशेदपुर को दे दी है.
बीसीसीआई ने मैच को धनबाद से हटाकर जमशेदपुर को शिफ्ट कर दिया
धनबाद क्रिकेट संघ ने रणजी ट्रॉफी मैच के लिए 2 से 5 फरवरी तक के लिए निर्धारित शुल्क चुका कर रेलवे स्टेडियम की बुकिंग भी कर ली थी. सूत्रों के अनुसार रेलवे स्टेडियम में पवेलियन और मैदान की स्थिति से बीसीसीआई संतुष्ट नहीं है. इस वजह से बीसीसीआई ने मैच को धनबाद से हटाकर जमशेदपुर को शिफ्ट कर दिया. पिछले 7 वर्षों से रेलवे स्टेडियम में एक भी रणजी मैच का आयोजन नहीं हुआ है. इस बार लोगों को उम्मीद थी लेकिन फिर निराशा ही हाथ लगी है. पिछले दिनों पीच कमेटी के अध्यक्ष सह बीसीसीआई के पीच क्यूरेटर एसबी सिंह और सचिव देवाशीष चक्रवर्ती ने रेलवे स्टेडियम का निरीक्षण किया था. इसके बाद उम्मीद जगी थी कि धनबाद में रंजीत मैच का आयोजन होगा. लेकिन यह उम्मीद खत्म हो गई है.
रेलवे ने मुफ्त में मैदान देने से किया इनकार
रेलवे स्टेडियम को लेकर धनबाद क्रिकेट संघ और रेलवे के बीच पिछले कई सालों से विवाद चल रहा है. स्थिति यह है कि अब यहां जिला स्तरीय लीग का भी आयोजन नहीं होता है. रेलवे ने अपने नए नियमों का हवाला देकर मुफ्त में मैदान देने से इनकार कर दिया है. वही धनबाद क्रिकेट संघ ने भी शुल्क देने से मना कर यहां मैच का आयोजन ही रोक दिया है. मैच नहीं होने के कारण रेलवे स्टेडियम का रखरखाव भी ढीला पड़ गया है.
धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने क्या कहा
इधर ,धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार का कहना है कि धनबाद में रणजी ट्रॉफी के आयोजन की उम्मीद अभी पूरी खत्म नहीं हुई है. जनवरी में टीम रेलवे स्टेडियम का निरीक्षण करेगी. धनबाद रेलवे स्टेडियम में 2009 से लेकर 2016 तक कुल 6 रणजी मैच हुए हैं. लेकिन जब से धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन और रेलवे में विवाद छिड़ा है, मैच नहीं हो रहे हैं. सवाल उठता है कि अगर रेलवे स्टेडियम में मैच नहीं होंगे तो क्या यह सिर्फ रेलवे का शो पीस ही बनकर रह जाएगा.