Brief By Newsbrief / 7:47 PM on 22 Dec 2022
देवघर (DEOGHAR) : देवघर में सरकारी कर्मी की मिलीभगत से अंबेडकर आवास योजना में घोटाले का मामला सामने आया है. किसी व्यक्ति द्वारा आवेदन देने के बाद देवघर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने इसकी जांच का निर्देश दिया था. जांच का जिम्मा प्रशिक्षु आईएएस अनिमेष रंजन को दिया गया था. जिसके पता चला कि कई लोगों का पक्का घर होने के बाद भी उन्हें गरीबों का आवास आवंटित कर दिया गया.
क्या हैं मामला
देवघर प्रखंड के केनमन काठी पंचायत के बदिया गांव में वित्तीय वर्ष 2022-23 में अंबेडकर आवास योजना में घोटाला होने का मामला प्रकाश में आया है. प्रशिक्षु आईएएस द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट में बदिया गांव के गणेश पाठक,श्रीकांत पाठक, पंकज पाठक,सुभाष पाठक, बबलू पाठक,बेली देवी और रंजीत पाठक का पक्का मकान रहते हुए फर्जी तरीके से गरीब व्यक्तियों का हक मारकर इन्हें आवास आवंटित किया गया. डीसी मंजूनाथ भजंत्री द्वारा कैसे इन व्यक्तियों को आवास मुहैया कराया गया, इसके लिए देवघर प्रखंड के बीडीओ जितेंद्र यादव से 1 सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है. वहीं प्रखंड पर्यवेक्षक शशांक शेखर पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है. उपायुक्त ने लाभुक सहित अन्य सरकारी कर्मियों से 1 सप्ताह के अंदर उपायुक्त कार्यालय में स्पष्टीकरण का जवाब मांगा है. सरकारी कर्मी पर कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही,कर्तव्य निष्ठा के अभाव के कारण विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा कर दी गई है. अयोग्य लाभुकों और सरकारी कर्मी के मिलीभगत से गरीब तबके के लोगों को दरकिनार करते हुए अंबेडकर आवास योजना में घोटाले का यह मामला सिर्फ एक गांव में आया है. देवघर में 194 पंचायत है और सभी पंचायत की जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं.