Brief By Newsbrief / 12:43 AM on 16 Jul 2022
रांची(RANCHI): झारखंड मुक्ति मोर्चा के द्वारा राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने की घोषणा से कांग्रेस को सदमा पहुंचा है.पर,इसकी उन्हें पूरी आशंका थी. गुरुवार को जेएमएम के द्वारा आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा के बाद सब स्पष्ट हो गया. इससे पहले पिछले राज्यसभा चुनाव में भी कांग्रेस को तगडा झटका दिया था. सवाल उठ रहा है कि कांग्रेस को यह सब कुछ क्यों देखना पड़ रहा है. वह ठंडी क्यों पड़ी है. जवाब इसका यह है कि जेएमएम को अपना एजेंडा देख कर काम करना है. द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देना उसके लिए उचित निर्णय है पर, कांग्रेस को राष्ट्रीय राजनीति देखनी है.
विपक्ष के प्रत्याशी के रूप में यशवंत सिन्हा प्रत्याशी हैं. वह उसके साथ लगी है. प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश ठाकुर का बयान है कि जेएमएम की अपनी रणनीति है. लेकिन यह निराशाजनक निर्णय है. वैसे कांग्रेस चुप रह कर सब देख रही है. जेएमएम का झटका उसे जोर का नहीं लग रहा है.वह सोच रही है कि वह सत्ता से अलग होकर क्या कर सकती है. राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक परिदृश्य इसकी इजाजत नहीं दे रहा.इसके अलावा एक महत्वपूर्ण बात यह है कि जेएमएम का स्टैंड धीरे धीरे उसे यानी जेएमएम को एक्सपोज कर रहा है.इससे उसके वोट बैंक में इजाफा होगा.इसलिए वह सब कुछ देख रही है और स। भी रही है.