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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से देशद्रोह के लंबित मामलों पर कल तक अपना रुख स्पष्ट करने को कहा

Brief By Newsbrief / 11:07 PM on 10 May 2022


 केंद्र द्वारा सुप्रीम कोर्ट को बताए जाने के एक दिन बाद कि  वह देशद्रोह कानून के प्रावधानों की फिर से जांच करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सरकार से पूछा कि वह लंबित और भविष्य के मामलों के बारे में क्या करेगी, जबकि धारा 124 ए पर पुनर्विचार किया जा रहा है. केंद्र को अपने रुख से अदालत को अवगत कराने के लिए कल तक का समय दिया गया है.

धारा 124 ए के प्रावधानों की फिर से जांच
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मंगलवार, 10 मई को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र देशद्रोह कानून पर पुनर्विचार करने की प्रक्रिया में है.  मेहता का यह बयान राजद्रोह कानून की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई के दौरान आया. यह दावा करते हुए कि देशद्रोह कानून पर व्यक्त किए जा रहे "विभिन्न विचारों के बारे में पूरी तरह से संज्ञान" है, केंद्र ने सोमवार को शीर्ष अदालत को बताया कि धारा 124 ए के प्रावधानों की फिर से जांच और पुनर्विचार करने का फैसला किया है और कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई को तब तक के लिए टालने का आग्रह किया जब तक कि इस तरह की कवायद "उपयुक्त मंच के सामने" नहीं की जाती. इसने इस "पुनर्विचार" के लिए कोई समय सीमा निर्दिष्ट नहीं की.

देशद्रोह के लंबित मामलों पर स्पष्टता करनी होगी 
याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि  भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने केंद्र से धारा 124 ए पर अपने रुख से अदालत को अवगत कराने को कहा था . साथ ही कहा पीठ ने यह भी सोचा कि क्या केदार नाथ सिंह बनाम बिहार राज्य मामले में संविधान पीठ के 1962 के फैसले के मद्देनजर मामले को पांच-न्यायाधीशों की बड़ी संविधान पीठ को सौंपना चाहिए, और केंद्र, याचिकाकर्ताओं और के विचार मांगे. SC ने केंद्र से कल सुबह तक देशद्रोह के लंबित मामलों पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है.

 

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