Back

न शराब न पलायन,स्वाभिमान के साथ रोजगार का माध्यम बना स्वेटर

Brief By Newsbrief / 6:46 PM on 26 Mar 2022



लोहरदगा(LOHARDAGA): लोहरदगा की शराब बेचने वाली महिलाएं अब स्वेटर बनाने का कार्य कर रही हैं. कभी पलायन इनके लिए रोजगार का मुख्य साधन हुआ करता था. लेकिन इनकी मेहनत ने इन्हें अलग पहचान दी है. 
प्रतिदिन 150 से 200 स्वेटर का निर्माण
झारखंड राज्य का एकमात्र ऑटोमेटिक स्वेटर निर्माण का कार्य लोहरदगा जिला के सेन्हा प्रखंड परिसर में किया जा रहा है. महिला समूह के द्वारा अत्याधुनिक तरीके से प्रतिदिन 150 से 200 स्वेटर का निर्माण किया जा रहा है.  गांव-घर में कभी शराब बनाकर बेचने वाली और कभी ईट भट्टों के लिए पलायन करने वाली महिलाएं अब अपने हुनर के साथ अपनी नई पहचान बनाने कए काम कर रही हैं.  इन महिलाओं का कहना है कि दूसरे कार्यों में जहां इनके सम्मान को ठेस पहुंचता था, वही इन्हें उचित मजदूरी भी नहीं मिल पाती थी, लेकिन आरसेटी में प्रशिक्षण के बाद अब इन महिलाओं के द्वारा अत्याधुनिक तरीके से स्वेटर बनाया जाता है. जिसकी वजह से इस स्वेटर की मांग विद्यालयों में बढ़ी है. प्रगति उत्पादक समूह का गठन कर ये महिलाओं प्रतिदिन स्वेटर बनाने का काम करती हैं. कहा जाए तो स्वेटर निर्माण कार्य ने इन्हें पहचान देने के साथ-साथ इनकी आर्थिक संकट को भी दूर किया है. डीपीएम ने कहा कि इस कार्य में ऐसी महिलाओं को जोड़ा गया है जिनके सामने कई तरह की समस्याएं थी. लेकिन अब महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के आगे समस्याओं का कुछ भी नहीं चलने वाला है. 
डीसी ने महिलाओं की सराहना की
प्रगति उत्पादक समूह के माध्यम से इन महिलाओं के द्वारा प्रतिदिन स्वेटर बनाए जाने के काम की लोहरदगा डीसी ने भी सराहना की है. उन्होंने कहा कि महिलाएं जिस तरह से स्वावलंबी होने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं ऐसे में राज्य और देश आने वाले समय में स्वावलंबी होगा. उन्होंने कहा कि अगर इन्हें किसी भी तरह की समस्याएं या फिर आवश्यकताएं हो तो जिला प्रशासन इनके साथ पूरी तन्मयता के साथ उनके साथ खड़ा रहेगा. 
जिला प्रशासन के साथ-साथ राज्य सरकार भी प्लेटफार्म उपलब्ध कराएं
लोहरदगा जिला का सेन्हा प्रखंड क्षेत्र कभी नक्सलियों के आतंक के रूप में भी जाना जाता था, लेकिन अब यहां की महिलाएं अपने जज्बे के बूते प्रखंड को ही नहीं बल्कि जिले को भी एक नई पहचान देने का कार्य कर रही हैं. अब जरूरत है कि इनके मेहनत और लगन को जिला प्रशासन के साथ-साथ राज्य सरकार भी प्लेटफार्म उपलब्ध कराएं ताकि स्वरोजगार के दिशा में बढ़ रही इन महिलाओं के साथ किसी प्रकार का संकट ना उत्पन्न हो. 
 

Read more on Newsbrief