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चाईबासा में महिला मजदूरों ने सेल अधिकारी पर यौन उत्पीड़न का लगाया आरोप,अधिकारी ने बताया साजिश

Brief By Newsbrief / 10:22 PM on 22 Feb 2022


चाईबासा(CHAIBASA)- सेल की किरीबुरु लौह अयस्क खादान के रेलवे लोडिंग साईडिंग में कार्य करने वाली ठेका कंपनी मेसर्स गैलेक्सी इन्टरप्राईजेज के महिला व पुरुष मजदूरों ने लोडिंग साईडिंग के प्रभारी सेल पर गंभीर आरोप लगाया है. महिला ने किरीबुरु खादान के वरिष्ठ प्रबंधक राजकुमार यादव पर मानसिक रुप से उत्पीड़न, अश्लीलता, पैसे की उगाही आदि का आरोप लगाया है. इस संबंध में छः महिला मजदूरों ने संयुक्त रूप से महिला थाना किरीबुरु कैंप में उक्त सेल अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है. 
पूरा मामला 
शिकायत दर्ज कराने वाली महिलाओं में शिवानी सोय, दुलारी पान, फूलमनी भुईयां, ललिता लागुरी, झीली बेहरा एंव पिंकी पटनायक शामिल हैं. शिवानी सोय, पिंकी पटनायक आदि महिला मजदूरों ने हिंदुस्तान संवाददाता को बताया कि सेल अधिकारी राजकुमार यादव कार्य स्थल पर हमेशा प्रताड़ित व छेड़छाड़ करता था. वह फोन कर रात्रि 8 बजे अपने सरकारी आवास पर आने और बड़बिल चलने के लिये दबाव बनाता रहता था. ऐसा नहीं करने पर वह काम से बैठा देता था. दोनों ने बताया कि राजकुमार यादव दोनों को हर माह पंद्रह-पंद्रह दिन काम से बैठाकर पूरे महीने का हाजिरी बनाकर पूरा पैसा हम दोनों के खाते में डाल देता था. बाद में 15 दिन का पैसा मेरे खाते से निकलवाकर ले लेता था. वे हम तमाम मजदूरों से ठेकेदार माया बेहरा के माध्यम से हर माह अलग से 2-3 हजार रूपये लिया करते थे. 

मामला सही पाए जाने पर होगी कार्रवाई- एसडीपीओ अजीत कुमार

दूसरी तरफ एसडीपीओ अजीत कुमार कुजूर ने बताया की शिकायत मिलने के बाद इस मामले की जांच महिला थाना की पदाधिकारी द्वारा की जा रही है. मामला सही पाये जाने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्यवाही की जायेगी. ठेकेदार माया बेहरा ने कहा कि यह सही है कि भले हम ठेकेदार हैं लेकिन पूरा ठेकेदारी सेल अधिकारी राजकुमार यादव करते थे. वह हमारी सुनते नहीं थे और अपनी मर्जी अनुसार मजदूरों को काम पर रखते व उनका शोषण करते थे. उसने बताया कि राजकुमार यादव के कहने पर हम मजदूरों से हर माह उनके वेतन से 2-3 हजार रूपये लेकर राजकुमार यादव को देते थे.  
हमारे खिलाफ एक बड़ी साजिश- राजकुमार यादव
सेल अधिकारी राजकुमार यादव ने बताया की हमारे खिलाफ एक बडी़ साजिश के तहत यह आरोप ठेकेदार माया बेहरा, मजदूर दीपक आदि मिलकर लगा रहा है. इसमें कोई सच्चाई नहीं है. दीपक को गलत कार्यों की वजह से हटा दिया था. तब से वह हमें ठेकेदार के साथ मिलकर फंसाने के कार्य में लगा था. उन्होंने बताया कि दीपक व एक अन्य युवक हमेशा मोटरसाईकल से रेलवे साईडिंग आता था और एक महिला मजदूर को अपने साथ वाहन में बिठा ले जाता था. ऐसे कार्यों का वह विरोध निरंतर कर रहे थे. मैंने किसी मजदूर और ठेकेदार से पैसा नहीं लिया. 
 

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