Back

भाषा पर राजनीति,भोजपुरी और मगही को झारखण्ड की क्षेत्रीय भाषा सूची में शामिल किये जाने का आजसू ने किया विरोध

Brief By Newsbrief / 5:02 AM on 26 Jan 2022


बोकारो जिले के गोमिया चौक में आजसू कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया।मुख्यमंत्री का पुतला दहन करते हुए आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव राजेश विश्वकर्मा एवं जिला उपाध्यक्ष विपिन नायक ने कहा कि झारखंड में भोजपुरी मगही और अंगिका को क्षेत्रीय भाषा के रूप में घोषित करना झारखंडी भाषाओं के साथ अपमान और धोखा है। क्योंकि हमारे पूर्वजों ने इस उद्देश्य से अलग झारखंड की मांग की थी ताकि यहां की मूल भाषा संस्कृति और जमीन को सुरक्षित और संरक्षित रखा जा सके, वहीं दूसरी ओर आज इसी भावना को हेमंत सोरेन ने दरकिनार करते हुए मूल भावनाओं को ही खत्म कर दिया है, और बाहर से आए हुए लोगों को झारखंड में बसाने का प्रयास कर रही है। हेमंत सोरेन ने चुनाव से पूर्व झारखंडी जनता से यह वादा किया था कि सरकार अगर बनती है तो यहां की मूल संस्कृति, सभ्यता और भाषा को प्राथमिकता दी जाएगी और 1932 का खतियान लागू कर यहां के मूल बाशिंदों को पूरी तरह से अधिकार दिया जाएगा लेकिन अब सरकार अपने वादों से मुकरते हुए बाहरी भाषाओं को तरजीह देने में लगी हुई है, जिसका हमलोग पुरजोर विरोध करते हैं।

 

 

Read more on Newsbrief