Brief By Amarujala.com / 4:07 PM on 04 Oct 2026
आइची-नागोया एशियाई खेलों का रविवार को समापन समारोह के साथ आधिकारिक रूप से अंत हो गया. नागोया में आयोजित समारोह के साथ 16 दिनों तक चले खेलों के इस महाकुंभ ने विदाई ली. समापन समारोह में भारतीय दल की महिला ध्वजवाहक निशानेबाज नीरू ढांडा हाथ में तिरंगा लेकर पहुंचीं. इस दौरान वह पूरे उत्साह के साथ तिरंगा लहराती नजर आईं और उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी. नीरू के लिए यह एशियाड बेहद यादगार रहा. उन्होंने प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और एक रजत सहित कुल तीन पदक जीते. नीरू ने किनान चेनाई के साथ ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया था.
ध्वजवाहकों के बाद अलग-अलग देशों के एथलीट समापन समारोह में पहुंचे. भारतीय दल के खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ भी मुख्य मंच पर नीरू ढांडा के साथ शामिल हुए. शुरुआत में भारतीय दल में ज्यादातर सपोर्ट स्टाफ नजर आया, लेकिन धीरे-धीरे खिलाड़ी भी समारोह में शामिल होने लगे. कई भारतीय एथलीट अपनी स्पर्धाएं खत्म होने के बाद पहले ही स्वदेश लौट चुके थे. भारतीय महिला हॉकी टीम भी रविवार को भारत वापस लौट गई थी. करीब दो सप्ताह तक विभिन्न स्पर्धाओं में अपना दमखम दिखाने वाले भारतीय खिलाड़ी अपनी उपलब्धियों के साथ नागोया से विदा हुए. समारोह के दौरान भारतीय दल के सदस्यों में अपने प्रदर्शन को लेकर उत्साह और खुशी दिखाई दी.
भारत ने एशियाई खेलों में कुल 85 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया. इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे. पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में मलयेशिया को 5-1 से हराकर भारत को स्वर्ण पदक दिलाया. हालांकि, भारत इस बार हांगझोउ एशियाई खेलों के अपने रिकॉर्ड प्रदर्शन को दोहरा नहीं सका. हांगझोउ में भारत ने 28 स्वर्ण सहित रिकॉर्ड 106 पदक जीते थे. इस लिहाज से आइची-नागोया में भारत ने पिछली बार की तुलना में 21 पदक और सात स्वर्ण कम जीते.