Brief By jagran / 11:02 AM on 01 Oct 2026
रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) मेधा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी को कई अहम जानकारियां मिली हैं. जांच के अनुसार दलाल तत्कालीन जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते के मिजोरम की राजधानी आइजोल स्थित आवास तक पहुंचे थे. 25 दिसंबर 2025 को उनकी पत्नी को नकद ढाई लाख रुपये दिए गए थे. जांच में यह भी सामने आया कि ब्लैकलिस्टेड एजेंसी बिंसिस टेक्नोलोजी को परीक्षा संचालन का काम दिलाया गया. इसमें तत्कालीन सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य के निजी सहायक ब्रज कुमार राम की भूमिका बताई गई है.