Brief By Etvbharat.com / 5:52 PM on 29 Sep 2026
जिले के खरौंधी प्रखंड में करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया स्वास्थ्य केंद्र वर्षों बाद भी मरीजों के इलाज के काम नहीं आ सका है. वर्ष 2007 में तत्कालीन मधु कोड़ा सरकार के कार्यकाल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस स्वास्थ्य उपकेंद्र के भवन का निर्माण कराया गया था. हालांकि, निर्माण के बाद से ही यह भवन उपयोग में नहीं आ पाया.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अस्पताल भवन बनने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि आसपास के ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद यहां स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं. लंबे समय से बंद पड़े भवन की स्थिति अब खराब होती जा रही है. स्थानीय लोगों का दावा है कि परिसर में असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है. भवन में रखा कुछ सामान गायब होने की बात भी सामने आई है.
देखरेख के अभाव में इमारत के जर्जर होने से सरकारी संसाधनों के उपयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्वास्थ्य केंद्र से उन्हें स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद थी, वह अब खंडहर में तब्दील होता जा रहा है.
इलाज की सुविधा नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है. गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रांची या वाराणसी तक ले जाने की जरूरत पड़ने की बात स्थानीय लोगों ने कही है.
वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संबंधित भवन अब तक विभाग को औपचारिक रूप से हैंडओवर नहीं किया गया है.