Brief By Jagran.com / 2:41 PM on 29 Aug 2026
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद कथित तौर पर सभा स्थल के ‘शुद्धीकरण’ को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है. कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए इसे छुआछूत से जोड़ दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में तत्काल FIR दर्ज कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि खरगे के साथ हल्द्वानी में जो हुआ, वह दलितों के प्रति भेदभाव को दर्शाता है और संविधान के तहत छुआछूत दंडनीय अपराध है. उन्होंने कहा कि घटना को करीब 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है. राहुल ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार से इस मामले में जल्द कार्रवाई कर न्याय सुनिश्चित करने की मांग की.
राहुल गांधी ने अपने बयान में भाजपा और RSS पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में संविधान की विचारधारा और भाजपा-RSS की विचारधारा के बीच संघर्ष चल रहा है. कांग्रेस नेता का कहना है कि संविधान लागू होने के बावजूद दलित समुदाय के लोगों के साथ कई जगह भेदभाव की घटनाएं सामने आती रहती हैं. उन्होंने कहा कि दलितों की आवाज जितनी मजबूत होती है, उन पर उतना ही अधिक हमला किया जाता है. राहुल ने आरोप लगाया कि दलितों को आगे बढ़ने और सम्मान के साथ जीवन जीने से रोकने की मानसिकता अब भी समाज के कुछ हिस्सों में मौजूद है. हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार है.
राहुल गांधी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में दलितों के साथ कथित भेदभाव का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने दावा किया कि कई स्कूलों में दलित बच्चों से शौचालय साफ कराने या झाड़ू लगवाने जैसी घटनाएं होती हैं. साथ ही उन्होंने कुएं से पानी लेने, चाय की दुकानों पर भेदभाव और शादी के दौरान घोड़े पर बैठने जैसे मामलों में दलितों के साथ कथित दुर्व्यवहार का जिक्र किया. कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून के तहत FIR दर्ज कर जांच और न्याय की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की. राहुल ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस अपने स्तर पर न्याय की लड़ाई जारी रखेगी.