Brief By Newsbrief / 6:08 PM on 07 Jan 2026
रांची: झारखंड सरकार की बहुचर्चित मंईयां सम्मान योजना इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक संबल देना था, लेकिन मौजूदा हालात इसके उलट तस्वीर पेश कर रहे हैं। हर महीने हजारों महिलाओं के नाम योजना से हटाए जा रहे हैं, जबकि नई पात्र महिलाओं का एनरोलमेंट पूरी तरह बंद है।
आंकड़ों के अनुसार, केवल उम्र सीमा पूरी होने के कारण बीते 11 महीनों में 1 लाख 33 हजार 776 लाभार्थियों के नाम काटे जा चुके हैं। नियम के तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाएं योजना की पात्र हैं, लेकिन जैसे ही किसी लाभुक की उम्र 50 वर्ष पूरी होती है, उसका नाम स्वतः पोर्टल से हट जाता है। दूसरी ओर, 18 वर्ष की नई पात्र महिलाएं योजना में शामिल ही नहीं हो पा रही हैं।
राज्यभर में करीब ढाई लाख आवेदन लंबित हैं, जिन्हें अब तक पोर्टल पर जोड़ा नहीं गया है। स्थानीय अधिकारी तकनीकी खराबी का हवाला दे रहे हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि नए लाभुकों पर अघोषित रोक लगाई गई है।
सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान भी मंईयां सम्मान योजना का पोर्टल बंद रहा, जिससे नाराजगी और बढ़ गई। लाभार्थी महिलाएं पूछ रही हैं कि जब योजना सभी महिलाओं के लिए है, तो नई पात्र महिलाओं को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है। सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।